जलालपुर, अंबेडकर नगर। पेठिया ननेशर गांव में खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई तारबंदी में कथित रूप से प्रवाहित विद्युत करंट की चपेट में आने से युवक की मौत के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। मृतक की पत्नी की तहरीर पर नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब घटना के कारणों और खेत में तारबंदी के जरिए विद्युत करंट प्रवाहित किए जाने के आरोपों की पड़ताल कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के पेठिया ननेशर गांव निवासी धीरेंद्र सागर बुधवार को जानवरों के लिए चारा काटने खेत गए थे। उनके साथ पत्नी अलका और घर की गीता पत्नी चंद्रेश भी मौजूद थीं। आरोप है कि इसी दौरान अभिमन्यु श्रीवास्तव पुत्र स्वर्गीय अर्जुन लाल श्रीवास्तव के खेत के चारों ओर सुरक्षा के लिए लगाए गए तार की चपेट में धीरेंद्र आ गए। तार में विद्युत करंट प्रवाहित होने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद उन्हें बचाने पहुंची पत्नी अलका और गीता भी करंट की चपेट में आ गईं। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह तीनों को तार से अलग किया। गंभीर हालत में धीरेंद्र को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर के लिए रेफर कर दिया। सीएचसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। उधर, घटना के बाद गांव में भी इसे लेकर नाराजगी देखी गई।
मृतक की पत्नी अलका ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार में सीधे विद्युत करंट प्रवाहित किया जा रहा था। इसी करंट की चपेट में आने से उनके पति की मौत हुई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जलालपुर कोतवाल अजय प्रताप यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।