◆ कोतवाली नगर में दर्ज हुआ मुकदमा, पेशी के लिए कोर्ट ले जाते समय फरार हो गया था बंदी
अयोध्या। जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी के न्यायालय में पेशी के दौरान फरार होने के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। इस मामले में लाकअप हवालात न्यायालय पर तैनात उपनिरीक्षक फूलचंद सोनकर की तहरीर पर बंदी दीपक उर्फ दीपू और हेड कांस्टेबल गुंजन सिंह को आरोपी बनाया गया है। घटना 20 अगस्त को पेशी के दौरान हुई थी।
एफआईआर में दर्ज तहरीर के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के गोण्डिया विजुलिया डीह, दर्शननगर निवासी अभियुक्त दीपक उर्फ दीपू पुत्र नेतराम को न्यायालय में पेशी के लिए हेड कांस्टेबल गुंजन सिंह के साथ रवाना किया गया था। करीब एक बजे हेड कांस्टेबल गुंजन सिंह ने उपनिरीक्षक शिव प्रसाद को फोन कर दीपक के फरार होने की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बंदी की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है। फरार बंदी के संबंध में आसपास के संभावित ठिकानों और रास्तों पर भी तलाश की जा रही है।
उपनिरीक्षक फूलचंद सोनकर की तहरीर में कहा गया है कि दीपक को न्यायालय में पेशी के लिए भेजा गया था, लेकिन इसी दौरान वह फरार हो गया। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में दीपक उर्फ दीपू के साथ हेड कांस्टेबल गुंजन सिंह का नाम आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बंदी पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से किस परिस्थिति में फरार हुआ।
बंदी के फरार होने के बाद पुलिस विभाग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल पुलिस फरार बंदी की तलाश के साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
गौरतलब है कि अयोध्या में कैदियों के फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिला कारागार से दो कैदी फरार हो चुके हैं, जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। ऐसे में कचहरी परिसर जैसे संवेदनशील स्थान से कैदी के फरार होने की घटना ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।