Sunday, October 4, 2026
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जागरूकता से बढ़ेगी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समझ, संकोच और अंधविश्वास बन रहे उपचार में बाधा


अयोध्या। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और मनोरोगों के प्रति लोगों में व्याप्त संकोच व अंधविश्वास को दूर करने के लिए अक्टूबर माह में विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शुरुआत अक्सर कम उम्र में ही हो जाती है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग समय पर उपचार नहीं लेते।

डा आलोक मनदर्शन
मनो परामर्शदाता, जिला चिकित्सालय अयोध्या

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार करीब एक तिहाई मानसिक विकारों की शुरुआत 14 वर्ष की आयु तक, आधे मामलों की 18 वर्ष तक और दो तिहाई मामलों की शुरुआत 25 वर्ष की आयु तक हो जाती है। बताया गया कि दुनिया में लगभग हर दसवां व्यक्ति और देश में हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित है। सामाजिक संकोच, कलंक और अंधविश्वास के कारण बड़ी संख्या में लोग उपचार लेने से बचते हैं।

युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारणों में पढ़ाई और करियर का तनाव, अभिभावकों का दबाव, प्रेम संबंधों में विवाद, अकेलापन, नशा, जुआ, अवसाद, अपराधबोध और पारिवारिक समस्याएं शामिल हैं। आर्थिक परेशानी, कर्ज, गंभीर बीमारी, किसी प्रियजन की मृत्यु और अन्य तनावपूर्ण परिस्थितियां भी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर के अवसर पर इस वर्ष जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में सैन्य चिकित्सालय, डोगरा रेजिमेंट, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आकाशवाणी, मीडिया संस्थानों, इंटर कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों, मेडिकल एवं पैरामेडिकल संस्थानों तथा पैरामिलिट्री इकाइयों में पूरे अक्टूबर जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि इन सत्रों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सही जानकारी पहुंचाना, लोगों के संकोच को दूर करना और जरूरत पड़ने पर समय से उपचार एवं परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बातचीत और समय पर सहायता लेने से स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।

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