जलालपुर, अम्बेडकर नगर। कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर महिला अस्पताल के पास बुधवार सुबह मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से जबरन बोलेरो में बैठाने के प्रयास से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद युवक को छोड़कर बोलेरो सवार मौके से फरार हो गए। घटना के संबंध में युवक के भाई ने कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कस्बे के साहब तारा निवासी बाबूराम सोनकर का पुत्र रिंकू सोनकर मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार वह प्रतिदिन जलालपुर कोतवाली, महिला अस्पताल और नगर पालिका क्षेत्र के आसपास घूमता रहता है।
बताया गया कि बुधवार सुबह करीब आठ बजे रिंकू नगर पालिका के पास खड़ा था। इसी दौरान पीछे से एक बोलेरो पहुंची। उसमें चार-पांच लोग सवार बताए जा रहे हैं। आरोप है कि वाहन से उतरे दो लोगों ने रिंकू को पकड़कर जबरन बोलेरो में बैठाने का प्रयास किया। किसी तरह उनके कब्जे से छूटकर रिंकू भागते हुए महिला अस्पताल के सामने पहुंच गया।
आरोप है कि बोलेरो सवार लोगों ने उसका पीछा किया और अस्पताल के सामने दोबारा उसे पकड़कर वाहन में बैठाने का प्रयास किया। यह देख आसपास मौजूद लोगों ने विरोध करते हुए युवक को ले जाने का कारण पूछा। इस पर अज्ञात लोगों ने रिंकू को अपना भाई बताते हुए दावा किया कि वह करीब तीन वर्ष से लापता था और वे उसे अपने साथ ले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने रिंकू की पहचान जलालपुर निवासी के रूप में की और बताया कि वह लंबे समय से कस्बे में घूमता रहता है। इस पर मामला संदिग्ध लगने लगा। लोगों के विरोध के बीच बोलेरो सवार युवक को धक्का देकर वाहन में बैठे और तेजी से मौके से निकल गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक बोलेरो में दो अन्य लोग भी सवार थे।
घटना के बाद कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने युवक को जबरन ले जाने के प्रयास को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। युवक के भाई की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कोतवाली प्रभारी अजय प्रताप यादव ने बताया कि घटना की जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।