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निष्कासित सपा विधायकों पर बोले विधानसभा अध्यक्ष – नियम के तहत होगी कार्रवाई

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◆ अयोध्या पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, रामलला किए दर्शन


अयोध्या। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, चन्द्रभानु पासवान, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह सहित अन्य भाजपा नेताओं ने सर्किट हाउस में उनका स्वागत किया।

इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में समाजवादी पार्टी से निष्कासित तीन विधायकों अभय सिंह (गोसाईगंज), राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज), और मनोज पांडे (ऊंचाहार)  के राजनीतिक भविष्य पर बड़ा बयान दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, जो नियम है, उसके मुताबिक यदि कोई विधायक पार्टी की मंशा के अनुरूप काम नहीं करता है, तो पार्टी को रूल-10 के तहत अध्यक्ष के समक्ष याचिका दाखिल करने का अधिकार होता है। याचिका पर निर्णय उसके गुण-दोष के आधार पर किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इस संबंध में कोई भी पिटिशन उनकी ओर से प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए सदस्यता को लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा, निष्कासित विधायकों को असंबद्ध रूप से मान्यता दी जाती है, लेकिन इसके लिए अलग से आवेदन देना होता है। अभी तक मेरे पास ऐसा कोई आवेदन नहीं आया है। जैसे ही कोई आवेदन आएगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को तीनों विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इस निर्णय के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इन विधायकों के अगले राजनीतिक कदम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर निर्माण प्रारंभ होने के समय वे अयोध्या के प्रभारी मंत्री थे और इस पुण्यभूमि की सेवा करने का अवसर उन्हें मिला, जो उनके लिए गौरव की बात है। इस दौरान आपातकाल को लेकर उन्होंने कहा, आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय था। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं है। यह दिन हमें लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता की अहमियत की याद दिलाता है।

यूपी विधानसभा को लेकर उन्होंने कहा कि यह देश की सर्वोत्तम विधानसभा है। विगत तीन वर्षों में विधायकों के योगदान और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि, विधायिका का सम्मान जिस स्तर तक बढ़ा है, वह काबिले तारीफ है। तीन वर्षों में केवल दो दिन ही विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हुई, बाकी दिन बहुत स्वस्थ, गरिमापूर्ण और लोकतांत्रिक चर्चा हुई। कहा कि जनता की समस्याएं जब सदन में उठती हैं तो विपक्ष चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहता है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज जनता जागरूक और संवेदनशील हो चुकी है। हमारे विधायकों में डॉक्टर, इंजीनियर, वित्त विशेषज्ञ और कानून के जानकार शामिल हैं।

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