अयोध्या। नाका बाईपास स्थित दुर्गापुरी कॉलोनी क्षेत्र में लगभग आठ फुट चौड़ा खुला नाला वर्षों से स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। व्यस्त मार्ग पर खुले पड़े इस नाले से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं दुर्गंध और मच्छरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से नाले को ढकने अथवा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्षेत्र में नए नाले का निर्माण तो करा दिया गया है, लेकिन वह अभी तक संचालित नहीं हो सका है। दुकानों के सामने रेलिंग लगाई गई है, हालांकि आवागमन के लिए कई स्थानों पर रेलिंग छोड़ी गई है। रेलिंग के पीछे स्थित दुकानों तक पहुंचने के लिए दुकानदारों ने नाले पर लकड़ी का अस्थायी पुल बना रखा है, जिससे ग्राहक आवाजाही करते हैं। आसपास के कई आवासीय भवनों में रहने वाले लोग भी इसी तरह अस्थायी व्यवस्था के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं।
स्थानीय भूषणमेडिकलसेंटर के संचालक रामानंदन त्रिपाठी ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से लिखित व मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक नाले को ढकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि खुले नाले से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास का वातावरण दूषित रहता है।
स्थानीय निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि अब तक कई लोग नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं। कुछ दिन पहले एक गाय भी नाले में गिर गई थी, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। उनका कहना है कि खुले नाले के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के व्यस्त मार्ग पर वर्षों से खुला पड़ा यह नाला नगर निगम की लापरवाही को उजागर करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नाले को ढकने या उसके चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जनहित में नगर निगम से तत्काल कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।