अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा व्यवस्था, शैक्षिक सुधार और नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सोमवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने की।
कुलपति ने सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया कि परीक्षा व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी होनी चाहिए ताकि उस पर सभी का विश्वास कायम रहे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा अवधि को कम करने की दिशा में कार्य कर रहा है ताकि छात्रों को अध्ययन के लिए अधिक समय मिल सके। उन्होंने महाविद्यालयों को व्याख्यान कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शुद्ध पेयजल और रखरखाव जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे एवं वॉइस रिकॉर्डिंग व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए। साथ ही छात्रों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, अन्यथा उन्हें परीक्षा से वंचित किया जाएगा। एनईपी आधारित रोजगारपरक शिक्षा और डिजिटल शिक्षा को अपनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि महाविद्यालय नैक मूल्यांकन अवश्य अपनाएं। इससे न केवल संस्थान को लाभ मिलेगा बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। साथ ही योग्य संस्थानों को अनुदान और विशेष योजनाओं का लाभ मिलेगा।
कुलानुशासक प्रो. एस.एस. मिश्र ने कहा कि एनईपी का उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है। समर्थ पोर्टल पर आ रही तकनीकी समस्याओं का समाधान कंप्यूटर प्रोग्रामर रवि मालवीय ने मौके पर किया।
कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक ने किया और धन्यवाद ज्ञापन आइक्यूएसी निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने किया। बैठक में वित्त अधिकारी पूर्णेंद्र शुक्ल, प्रो. दानपति त्रिपाठी, डॉ. रीमा श्रीवास्तव, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. राजेश सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रबंधक एवं प्राचार्य मौजूद रहे।