अयोध्या। श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के लिए गुरुवार को अयोध्या पहुंचे सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अखिलेश यादव पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित कथा में शामिल होने पहुंचे। उनके निर्धारित कार्यक्रम में राममंदिर दर्शन शामिल नहीं है।

विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि रामनगरी आने के बावजूद रामलला के दर्शन से दूरी बनाना अखिलेश यादव की अयोध्या के प्रति सोच को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि जिस राममंदिर के लिए करोड़ों रामभक्तों ने संघर्ष किया, वहां पहुंचने से परहेज करना केवल एक मंदिर से दूरी नहीं, बल्कि अयोध्या की आस्था से दूरी का संदेश देता है।

महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि रामसेवकों पर गोली चलवाने वाली राजनीति को अयोध्या का विकास और राममंदिर का वैभव आज भी स्वीकार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या आज विश्व की आस्था का केंद्र बन रही है, लेकिन कुछ लोगों को बदलती हुई अयोध्या देखने के बजाय पुराने राजनीतिक समीकरण ही दिखाई देते हैं।

पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण करोड़ों रामभक्तों की आस्था और लंबे संघर्ष का परिणाम है। रामसेवकों पर गोली चलवाने वालों की राजनीति का वह अध्याय अयोध्या की जनता भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब अयोध्या विकास और भव्यता की नई पहचान बना रही है, रामलला के दर्शन से दूरी अयोध्या का अपमान है।

महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि अखिलेश यादव कथा सुनने अयोध्या आए हैं, लेकिन रामलला के दरबार तक जाने का साहस नहीं जुटा पाए। उन्होंने कहा कि जनता यह अंतर साफ देख रही है कि कौन अयोध्या की आस्था के साथ खड़ा है और कौन राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अयोध्या को देखता है। कथा के आयोजक पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय ने कहा था कि जिसको बुद्धि शुद्धि करवाना हो वह हमारे यहां आयोजित कथा में तो सवाल है क्या अखिलेश यादव बुद्धि को शुद्ध करवाने यहां आए थे।



