◆ घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई गाइड लाइन बनाने पर हो रहा है मंथन
अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एमबीबीएस छात्र सागर पटेल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र 2024 बैच का था। घटना के बाद पूरे कैंपस में शोक का माहौल है। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 18 अगस्त को कॉलेज की एक छात्रा ने भवन से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसे मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने बचा लिया था। लगातार सामने आ रही आत्महत्या की घटनाओं ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को चिंता में डाल दिया है।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने आपात बैठक बुलाई। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सत्यजीत वर्मा ने अधिकारियों और फैकल्टी के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पहले से स्टूडेंट वेलफेयर सोसाइटी कार्यरत है, जो मानसिक रूप से परेशान छात्रों को परामर्श देती है। जिन छात्रों में तनाव या दबाव के लक्षण मिले हैं, उन्हें पहले ही चिन्हित किया गया है। ऐसे छात्रों और उनके अभिभावकों को बुलाकर वार्ता की जाती है। छात्रों की काउंसलिंग कराई जाती है।
प्रिंसिपल ने बताया कि जिन छात्रों की उपस्थिति कम पाई गई थी, उन्हें सुधार के लिए मौखिक रूप से कहा गया था। लगातार हो रही घटनाओं को रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन ने नई गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन गाइडलाइनों के तहत छात्रों को मानसिक सहारा और सुरक्षित वातावरण देने पर विशेष फोकस होगा।