जलालपुर, अंबेडकर नगर। वर्षों तक किराए पर रहने के बाद जमीन पर मालिकाना हक जताने, कथित फर्जी दस्तावेजों के सहारे न्यायालय में मुकदमा दायर करने और मुकदमे के विचाराधीन रहने के दौरान टीनशेड लगाकर कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर विपक्षी द्वारा मारपीट किए जाने तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे में फंसाने की नीयत से बार-बार शिकायतें किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
मामला जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के कबीर मठ के पास स्थित जूता वाले गली का है। पीड़िता सुशीला देवी ने उपजिलाधिकारी और जलालपुर कोतवाल को दिए शिकायती पत्र में बताया कि संबंधित जमीन उनकी पैतृक संपत्ति है। आरोप है कि विपक्षी विजय प्रकाश व हौसला प्रसाद ने कपड़ा प्रेस करने के लिए मकान किराए पर लिया था। कुछ समय तक किराएदार के रूप में रहने के बाद उसने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर मालिकाना हक जताना शुरू कर दिया और संपत्ति पर कब्जे की नीयत से सिविल न्यायालय में वाद दायर कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, जमीन को लेकर मुकदमा अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
सुशीला देवी का आरोप है कि करीब एक सप्ताह पूर्व मुकदमे के विचाराधीन रहने के दौरान ही विपक्षी ने बगैर किसी न्यायालय के आदेश के पुराने टीनशेड को हटाकर नया टीनशेड लगाना शुरू कर दिया। इसे जमीन पर कब्जा करने का प्रयास बताते हुए जब उन्होंने और उनके परिजनों ने विरोध किया तो विपक्षी ने अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मारपीट की। घटना के बाद पीड़िता ने कोतवाली पहुंचकर शिकायती पत्र दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि विपक्षी उसे एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से बार-बार शिकायतें कर रहा है। उसने प्रशासन से विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इस संबंध में जलालपुर कोतवाल अजय प्रताप यादव ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, जमीन से संबंधित विवाद के निस्तारण के लिए पीड़िता को न्यायालय से उचित अनुतोष प्राप्त करने की सलाह दी गई है।