अयोध्या। दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या भक्ति और उत्साह से सराबोर रही। भोर से ही प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान श्रीराम की कुल देवी माँ बड़ी देवकाली, कैंट रोड स्थित माँ पाटेश्वरी देवी, मरी माता मंदिर, जालपा माता, मुबारकगंज स्थित आध्यात्म शक्ति पीठ, शीतला माता मंदिर और माता सीता द्वारा पूजित छोटी देवकाली मंदिर में भक्तों ने दर्शन कर सुख-शांति और आरोग्यता का आशीर्वाद मांगा।
मंदिरों को आकर्षक ढंग से फूल-मालाओं से सजाया गया था। नगाड़ों की गूंज और “जय माता दी” के जयकारों ने वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। माता का दिव्य श्रृंगार देख श्रद्धालु भावविह्वल हो उठे। अष्टमी के दिन कन्या पूजन और सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जहां भक्तों ने विश्व कल्याण की कामना की।
शाम ढलते ही पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठा। दुर्गा पंडालों में भारी भीड़ रही, वहीं चौक, फतेहगंज और नाका मार्ग पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही—जगह-जगह बैरिकेडिंग और बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से भीड़ को नियंत्रित किया गया।
दो अक्टूबर को निकलेगी भव्य विसर्जन यात्रा
महोत्सव के अंतर्गत 2 अक्टूबर को जीआईसी परिसर में सभी दुर्गा प्रतिमाएं एकत्र होंगी। सुबह 11 बजे से शोभायात्रा फतेहगंज, चौक, रिकाबगंज होते हुए निर्मली कुण्ड पहुंचेगी, जहां प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया जाएगा। तीन अक्टूबर को अयोध्या नगर, मया बाजार, दिलासीगंज, महबूबगंज, ऐमी घाट, दर्शन नगर, मिल्कीपुर, पूरा बाजार, मयाबाजार तथा 4अक्टूबर को गोसाईगंज तथा 6 अक्टूबर को चौरेबाजार, हैदरगंज, कुमारगंज व तारून में दुर्गा प्रतिमाओं का विर्सजन किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय समिति और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
समाजसेवी ने किया कई स्थानों पर जगतजननी की महाआरती
