◆ भगवानपरशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में चाणक्य परिषद में किया प्रस्ताव पारित
अयोध्या। अखिल भारतीय चाणक्य परिषद एवं श्री श्री परशुराम सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित भगवान परशुराम प्रकटोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक व राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। परिषद की ओर से पूर्व में रखी गई पांच प्रमुख मांगों को दोहराते हुए सर्वसम्मति से इन्हें देश के प्रधानमंत्री को भेजने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सवर्ण आयोग के गठन, समान नागरिक संहिता लागू करने, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने (योग्यता आधारित पदों को छोड़कर), भगवान परशुराम प्रकटोत्सव पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने तथा अयोध्या धाम में भगवान परशुराम का भव्य मंदिर निर्माण कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही यूजीसी कानून के विरोध में भी आवाज बुलंद की गई। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे शीघ्र प्रधानमंत्री तक पहुंचाने पर सहमति जताई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित कृपा निधान तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम, जो श्री हरि विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं, उनके विचारों को आत्मसात करने से ही समाज का कल्याण और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज से जुड़े नव नियुक्त पीसीएस अधिकारियों—अंतिम तिवारी, हर्ष तिवारी एवं अंकित तिवारी—को अंगवस्त्र व भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त जीएसटी कमिश्नर इन्द्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता आती है और प्रतिभाओं को सम्मान मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष लक्षंधर त्रिपाठी ने की, जबकि संचालन जिला उपाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद पांडे ने किया।
इस दौरान देवी प्रसाद दुबे, उमाशंकर तिवारी, बाबूराम पांडे, सदानंद पांडे, दुखहरन शुक्ल, विपिन कुमार मिश्र, गुड़िया त्रिपाठी, दुर्गा प्रसाद तिवारी, शिवाकांत तिवारी, हनुमान शुक्ल, वीरेंद्र कुमार पांडे, आशा मिश्रा, रविंद्र कुमार पांडे, देवेंद्र पांडे, ओम प्रकाश पांडे, रज्जू समाजसेवी, महर्षि राम द्विवेदी, ऋषि पांडे, बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।