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राम वन गमन पथ पर श्रद्धालुओं के लिए किफायती विश्राम गृह निर्माण की उठी मांग

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◆ राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्या ने राज्यसभा के सभापति को लिखा पत्र


◆ ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के तहत लगाए जाएं उत्पादों के स्टॉल


अयोध्या। राज्यसभा सांसद व प्रदेश महामंत्री भाजपा अमर पाल मौर्य ने राम वन गमन पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। उन्होंने सदन के माध्यम से अयोध्या से चित्रकूट तक जाने वाले पावन राम वन गमन पथ पर ‘श्रीराम विश्राम गृहों’ के निर्माण की मांग की है। इसके लिए राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखा है।

सांसद अमर पाल मौर्य ने बताया कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के लोकार्पण के बाद राम वन गमन पथ पर श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु इस मार्ग से होकर यात्रा कर रहे हैं, जबकि पर्व और मेलों के दौरान यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। लगभग 210 किलोमीटर लंबा यह मार्ग सुलतानपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी और प्रयागराज जैसे जिलों से होकर गुजरता है, लेकिन पूरे मार्ग पर पदयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित व किफायती रात्रि विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने प्रस्ताव रखा कि राम वन गमन पथ पर प्रत्येक 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर दोनों ओर विश्राम गृहों का निर्माण किया जाए। ये विश्राम गृह सौर ऊर्जा और जीरो वेस्ट अवधारणा पर आधारित हों, जिनमें शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा तथा बैठने और विश्राम की समुचित सुविधाएं उपलब्ध हों।

सांसद ने सुझाव दिया कि विश्राम गृहों के परिसरों में उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के तहत स्टॉल लगाए जाएं। इससे प्रतापगढ़ के आंवला, सुलतानपुर और प्रयागराज के मूंज शिल्प, कौशाम्बी के केले, अयोध्या के गुड़ और चित्रकूट के लकड़ी के खिलौनों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही स्थानीय रेहड़ी-पटरी संचालकों और स्वयं सहायता समूहों को संगठित बाजार उपलब्ध होगा।

अमर पाल मौर्य ने कहा कि इस योजना से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने सरकार से राम वन गमन मार्ग पर धर्मशालाओं के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने का भी आग्रह किया, ताकि सामाजिक सहभागिता और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से सस्ती आवास सुविधाएं विकसित की जा सकें।

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