◆ किशोरी के इलाज के लिए परिजनों से वसूले गए सात हजार रुपये, जांच में जुटी पुलिस
अयोध्या। जिला अस्पताल में खून की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में आखिरकार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती एक किशोरी के परिजनों की शिकायत पर कोतवाली नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता शगुन निवासी रामपुर अमावां सूफी, थाना खंडासा, की बहन शिवांगी सिंह ने 17 दिसंबर को प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 15 दिसंबर को वह ब्लड बैंक में खून लेने गई थी। वहां तैनात कर्मचारियों ने उससे कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और स्पष्ट कहा कि डोनर लाने पर ही खून उपलब्ध कराया जाएगा। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का संपर्क नंबर और कार्यालय का पता पूछा तो कर्मचारियों ने जानकारी देने से इनकार कर दिया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इलाज की मजबूरी के चलते परिजनों को सात हजार रुपये देकर बाहर से खून खरीदना पड़ा, जिसके बाद ही किशोरी का इलाज शुरू हो सका। प्रकरण सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक राजेश सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया इस पूरे प्रकरण में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका है। इसी कारण शिकायत को विधिक कार्रवाई के लिए कोतवाली नगर भेजा गया था।
कोतवाली नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।