न्यायालय परिसर में आने–जाने वालों के सामान की तलाशी, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने किया निरीक्षण
स्कूलों को मिली धमकी के बाद भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
अयोध्या । जनपद न्यायालय और स्कूली बच्चों को बम धमाके की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन से पहले सामने आई धमकी को देखते हुए न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वालों की जांच और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गुरुवार को कचहरी के प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों ने आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग की। बैग और झोला लेकर पहुंचने वालों के सामान की तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया।
बुधवार को जनपद न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आठ नवंबर को कचहरी परिसर में बम विस्फोट करने और 27 नवंबर तक इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की धमकी मिली थी। इसके अलावा रामधाम स्थित एक स्कूल को भी धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। इसमें दीपावली पर बच्चों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। अयोध्या, मथुरा और काशी के मंदिरों को लेकर भी आठ नवंबर को चेतावनी दी गई थी। गुरुवार को एक अन्य स्कूल को भी इसी तरह का ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई।
प्रवेश द्वारों पर जांच, सामान की तलाशी के बाद मिल रहा प्रवेश
कचहरी परिसर में सुरक्षा के लिए पहले से लागू व्यवस्था के तहत प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और पुलिसकर्मियों की निगरानी में जांच की गई। सुबह के समय पुलिसकर्मी चेकिंग को लेकर मुस्तैद रहे। परिसर में आने वाले लोगों के बैग और अन्य सामान की तलाशी ली गई। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने भी सुबह परिसर का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि 23 नवंबर 2007 को फैजाबाद कचहरी में हुए बम धमाकों के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था। सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और जांच की व्यवस्था इसी सुरक्षा दृष्टिकोण का हिस्सा है।
धमकी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता महत्वपूर्ण
न्यायालय परिसर के साथ स्कूलों को मिली धमकी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के सामने सार्वजनिक स्थलों की निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बनाए रखने की चुनौती है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और स्कूल प्रबंधन के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण है।