◆ दीपोत्सव पर तैयार हो रहे 13 थीमेटिक एंट्री गेट और 20 सेल्फी प्वाइंट, सातों कांडों के प्रसंगों के साथ श्रद्धालु देख सकेंगे रामायण की झलक
अयोध्या। दसवें दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए रामनगरी को रामायण की थीम पर सजाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही तैयारियों के तहत अयोध्या में 3D थीमेटिक प्रवेश द्वार और सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। इन पर रामायण के प्रमुख प्रसंगों, पात्रों और चौपाइयों को आकर्षक कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। दीपोत्सव में श्रद्धालुओं के लिए 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वाइंट विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
मोक्ष एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट्स मैनेजमेंट कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार, दीपोत्सव के लिए 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इनमें तीन हाईवे से आने वाले मार्गों पर और दस राम की पैड़ी पर स्थापित किए जाएंगे। इन प्रवेश द्वारों पर रामायण की चौपाइयां अंकित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की लीलाओं और आदर्शों का स्मरण कराएंगी।
इसके अलावा 20 सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। इनमें दस रामकथा मार्ग पर और दस लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी तक स्थापित होंगे। इनकी थीम रामायण के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित है। महर्षि वाल्मीकि आश्रम, श्रीराम का धनुष भंग, श्रीराम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति, श्रीराम-भरत मिलाप, जटायु प्रसंग और श्रीराम-निषादराज मिलन जैसे दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।
सातों कांडों की दिखेगी झलक
लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे सेल्फी प्वाइंट रामायण के सातों कांडों पर केंद्रित होंगे। इन संरचनाओं को विशेष रूप से धनुष के आकार में तैयार किया जा रहा है। इनमें सुमेरु पर्वत लेकर उड़ते हनुमान, वर्षा से प्रभु श्रीराम की रक्षा करते हनुमान, श्रीराम-लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान और जटायु से प्रभु श्रीराम का संवाद जैसे प्रसंग शामिल हैं।
इसके साथ ही अशोक वाटिका में माता सीता से हनुमान की भेंट, लंका दहन, रावण वध, केवट मिलन, रावण पर बाण चलाते प्रभु श्रीराम और माता सीता की अग्नि परीक्षा जैसे दृश्य भी कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे।
आस्था के साथ यादों को संजोने का अवसर
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु इन थीमेटिक संरचनाओं के साथ तस्वीरें लेकर आयोजन की यादों को संजो सकेंगे। रामायण के प्रसंगों पर आधारित ये कलाकृतियां बच्चों और नई पीढ़ी को भी रामकथा से जोड़ने का माध्यम बनेंगी। पारंपरिक धार्मिक प्रसंगों को आकर्षक 3D संरचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करने की यह पहल दीपोत्सव में आधुनिक सजावट और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत का संगम दिखाएगी।


