Wednesday, September 16, 2026
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एलएसडी टीकाकरण में लापरवाही पर रोक, गोआश्रय स्थलों की सघन निगरानी के निर्देश


मंडलीय समीक्षा बैठक में एफएमडीएचएस टीकाकरण, हरे चारे और कृत्रिम गर्भाधान की भी हुई समीक्षा


अयोध्या। प्रदेश में फैली एलएसडी (लम्पी स्किन डिजीज) बीमारी की रोकथाम, गोवंश संरक्षण और पशु टीकाकरण की प्रगति को लेकर बुधवार को आयुक्त सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मंडलायुक्त राजेश कुमार के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर आयुक्त प्रशासन अजय कांत सैनी ने की। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक एपिडेमिक, उत्तर प्रदेश मुख्यालय लखनऊ डॉ. सुधीर कुमार सह-अध्यक्ष रहे।

बैठक में अयोध्या मंडल के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त विकास आयुक्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप निदेशक पंचायतराज तथा उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में एलएसडी, एफएमडी एवं एचएस टीकाकरण, निराश्रित गोवंश संरक्षण, हरे चारे की उपलब्धता और कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने निर्देश दिया कि एलएसडी से प्रभावित लखनऊ एवं बहराइच से सीमांकित जनपद बाराबंकी में रिंग वैक्सीनेशन कराया जाए। गोआश्रय स्थलों की सघन निगरानी करते हुए एलएसडी का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एफएमडी एवं एचएस टीकाकरण पूरा कराने और उसका शत-प्रतिशत ऑनलाइन अपलोड सुनिश्चित करने को कहा गया।

निराश्रित गोवंश संरक्षण एवं सहभागिता योजना की समीक्षा के दौरान सभी जनपदों को गोआश्रय स्थलों तथा सहभागिता योजना के लिए फंड रिक्वेस्ट प्रत्येक माह समय से भेजने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि 100 से कम गोवंश वाले गोआश्रय स्थलों को बंद कर वहां संरक्षित गोवंश को नजदीकी बड़े गोआश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए।

वहीं 400 से कम गोवंश क्षमता वाले बृहद गोसंरक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर उनकी क्षमता के अनुरूप अधिक निराश्रित गोवंश का संरक्षण करने के निर्देश दिए गए। गोआश्रय स्थलों में नर, मादा तथा अशक्त एवं बीमार गोवंशों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में गोआश्रय स्थलों से संबद्ध चारागाह भूमि पर पर्याप्त मात्रा में हरे चारे की बुवाई कराने के निर्देश भी दिए गए। कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करने और इसकी शत-प्रतिशत ऑनलाइन अपलोडिंग सुनिश्चित कराने को कहा गया।

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