@ लालमणि पाण्डेय
अंबेडकरनगर। अकबरपुर की यातायात व्यवस्था को लेकर पीआरडी जवान की ओर से की गई शिकायत के बाद निजी बसों के नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने यातायात सुरक्षा प्रभारी जय बहादुर यादव पर नियमों की अनदेखी कर निजी बसों को प्रवेश दिलाने तथा कथित रूप से रुपये लिए जाने के आरोप लगाए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की गई है।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकती है हकीकत
मामले में शिकायतकर्ता ने अन्नावां बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है। यदि आरोपों की जांच कराई जाती है तो सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर, निजी बसों के आवागमन का विवरण और संबंधित विभागीय आदेशों की पड़ताल से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, मीडिया पड़ताल में नो-एंट्री के दौरान निजी बस के प्रवेश की बात सामने आने के दावे के बाद मामला और गंभीर हो गया है। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि संबंधित यातायात सुरक्षा प्रभारी का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद वह अभी तक जिम्मेदारी क्यों संभाल रहे हैं। यदि यह स्थिति सही है तो इसके पीछे विभागीय आदेश अथवा अनुमति क्या है, यह भी जांच का विषय बन गया है।
ऐसे में पूरे मामले में विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच जरूरी मानी जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नो-एंट्री व्यवस्था में निजी बसों को किसी वैध आदेश के तहत प्रवेश दिया जा रहा था अथवा नियमों की अनदेखी की गई। इस विषय में जब क्षेत्राधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया उनसे संपर्क नहीं हो सका।