अयोध्या। जिले में विद्युत आपूर्ति, नए कनेक्शन और बिलिंग व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के साथ उपभोक्ताओं को सही बिल उपलब्ध कराने और मीटर रीडिंग में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान मिल्कीपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर जिलाधिकारी ने जानकारी ली। उन्होंने रानी बाजार और मिल्कीपुर के एसडीओ को आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में बार-बार शटडाउन होने के कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
डीएम ने विद्यालयों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ नवनिर्मित विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जहां कनेक्शन लंबित हैं, वहां शीघ्र कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं माझा कला समेत बाढ़ प्रभावित गांवों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था जल्द सामान्य करने को कहा।
गलत बिल जारी होने पर सख्ती
विद्युत बिलिंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी स्थिति में त्रुटिपूर्ण बिल जारी नहीं होना चाहिए। मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और शुद्धता बरती जाए। उन्होंने मीटर रीडिंग करने वाली एजेंसी और विजिलेंस टीम के प्रतिनिधियों को अगली समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए, ताकि बिलिंग से जुड़ी शिकायतों की प्रभावी समीक्षा हो सके।
दर्शन नगर और अयोध्या धाम में बढ़ेगी विद्युत क्षमता
बैठक में विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आवश्यकता के अनुसार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। दर्शन नगर और अयोध्या धाम क्षेत्र में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए अतिरिक्त क्षमता वाले ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों, पंचायत भवनों, सामुदायिक शौचालयों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों समेत सभी जरूरी स्थानों पर बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।