◆ सरयू तट से शिवालयों तक गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, नागेश्वरनाथ धाम में उमड़ी भारी भीड़
अयोध्या। सावन के आखिरी सोमवार पर रामनगरी अयोध्या शिवभक्ति में डूबी रही। तड़के सुबह से ही सरयू घाटों और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सरयू में स्नान के बाद कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक किया। इस दौरान सरयू तट से लेकर मंदिरों तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे।
सबसे अधिक भीड़ राम की पैड़ी स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ धाम में रही। मान्यता है कि भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने इस मंदिर की स्थापना की थी। सुबह से ही मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। कांवड़ियों ने सरयू से जल भरकर भगवान शिव का अभिषेक किया। दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और गंगाजल अर्पित कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की। भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों के बीच कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बना।
नागेश्वरनाथ के अलावा क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर, कोटेश्वरनाथ महादेव समेत अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया। कई मंदिरों में विशेष पूजा और रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। सरयू घाटों से लेकर शिवालयों तक दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।
हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में भी रही भीड़
सावन के आखिरी सोमवार पर शिवालयों के साथ हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। देर शाम तक दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। बड़ी संख्या में परिवार सहित पहुंचे श्रद्धालुओं, महिलाओं और युवाओं ने मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
घरों में भी हुआ रुद्राभिषेक
सावन के आखिरी सोमवार पर शहर के कई घरों में भी भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया गया। रिकाबगंज निवासी रामशरण मिश्र ने बताया कि परिवार के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक कराया। वहीं स्थानीय श्रद्धालु सुनीता देवी ने घर पर परिवार के साथ पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन के आखिरी सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रही चौकस
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों, सरयू घाटों और रास्तों पर पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन को लेकर पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया था। मंदिरों और घाटों पर भीड़ के अनुरूप सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संचालित की गई।
सावन के अंतिम सोमवार को अयोध्या में दिनभर आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। सरयू स्नान से लेकर शिवालयों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक तक श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए। शाम तक रामनगरी में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।