आलापुर, अम्बेडकर नगर। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हालांकि अभी पानी गांवों की चौखट तक नहीं पहुंचा है, लेकिन नदी का रुख देखकर देवारांचल के दर्जनों गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। संभावित खतरे को देखते हुए लोग पहले से ही राहत और बचाव की तैयारियों में जुट गए हैं। कहीं अनाज मचान पर रखा जा रहा है तो कहीं जरूरी दस्तावेज पॉलीथीन में सुरक्षित किए जा रहे हैं। कई परिवार बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की योजना बना रहे हैं। आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया और अराजी देवारा गांव के कल्लू का पुरवा, पटपरवा, हंसू का पुरवा, बद्री का पूरा, नवका पूरा, सतनारायण का पूरा, दलित बस्ती, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोना का पूरा, रघु का पूरा समेत कई पुरवों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ से फसलें नष्ट हो जाती हैं और कई सप्ताह तक जनजीवन प्रभावित रहता है। इसी अनुभव के कारण इस बार भी लोग समय रहते तैयारी कर रहे हैं।
किसानों ने घरों में रखा गेहूं, चावल, पशुओं का चारा, जरूरी दस्तावेज, बच्चों की किताबें और कपड़े अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। समाजसेवी मित्रसेन और संतोष यादव ने बताया कि बाढ़ के दौरान सबसे अधिक परेशानी बच्चों की पढ़ाई और मरीजों के इलाज को लेकर होती है। कई बार स्कूल बंद हो जाते हैं या राहत शिविर में बदल दिए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है और नाव ही एकमात्र सहारा रह जाती है।
ग्रामीण महेश निषाद ने बताया कि हर साल सबसे पहले अनाज और बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगती है। पानी आने से पहले ही सामान समेटना पड़ता है। वहीं रामकुमार निषाद ने कहा कि जरूरी कागजात हर वर्ष पॉलीथीन में सुरक्षित रखने पड़ते हैं। यदि इस बार बाढ़ का प्रकोप बढ़ा तो बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेजना पड़ेगा।
प्रशासन ने भी संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया और अराजी देवारा में आठ अस्थायी बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। आवागमन के लिए माझा कम्हरिया में सात और अराजी देवारा में चार नावों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक नाव के संचालन के लिए दो-दो नाविक तैनात किए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए बरोही पांडेय का पूरा में ₹5.82 करोड़ की लागत से निर्मित दो मंजिला बाढ़ शरणालय भवन पूरी तरह तैयार है। वर्ष 2024 में बने इस भवन में तीन बड़े हॉल, छह शौचालय, छह स्नानघर और एक बड़ा किचन हॉल बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें भी गठित कर दी गई हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर शिविर लगाकर लोगों और पशुओं का उपचार करेंगी।
उपजिलाधिकारी आलापुर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।