अयोध्या। राममंदिर चढ़ावा प्रकरण में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) रजत वर्मा की अदालत से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने सुभाष को उनके बैंक खाते में 26 जून के बाद जमा हुई पेंशन की राशि निकालने की अनुमति दे दी है। वहीं, खाते में पहले से मौजूद धनराशि के संबंध में पक्षकारों की आपत्तियों पर सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह ने बताया कि सुभाष श्रीवास्तव ने बैंक खाते को आंशिक रूप से संचालित करने की अनुमति के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। मामले के विवेचक ने भी अपनी रिपोर्ट में 25 जून के बाद खाते में जमा हुई राशि को अनफ्रीज किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। इसके बाद अदालत ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए 26 जून के बाद आई पेंशन की राशि निकालने की अनुमति प्रदान की।
उन्होंने बताया कि खाते में पहले से उपलब्ध धनराशि को लेकर 30 जुलाई को आपत्ति प्रस्तुत की जाएगी। अदालत उसी आधार पर आगे का निर्णय करेगी।
इधर, मामले में जेल में निरुद्ध सभी आठ आरोपियों की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेशी कराई गई। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 10 अगस्त तक बढ़ा दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई में 30 हजार रुपये के एक बैंक लेनदेन का स्पष्टीकरण भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उनके अनुसार सुभाष श्रीवास्तव ने यह राशि एक अन्य मामले में हाईकोर्ट में अधिवक्ता की फीस देने के लिए निकाली थी, लेकिन अधिवक्ता से मुलाकात नहीं होने पर रकम दोबारा खाते में जमा कर दी गई। बाद में आवश्यकता पड़ने पर राशि फिर निकाली गई। जांच के दौरान इसी लेनदेन को संदिग्ध माना गया है, जिस पर 30 जुलाई को अदालत के समक्ष पक्ष रखा जाएगा।