अयोध्या। श्रावण मेला, कांवड़ यात्रा और सावन झूला मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अयोध्या नगर निगम ने स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, आश्रय स्थलों और यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। नगर निगम के अनुसार मेला क्षेत्र में 24 घंटे सफाई व्यवस्था संचालित की जा रही है, जिसकी निगरानी अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
नगर आयुक्त जयेन्द्र कुमार ने बताया कि नागेश्वरनाथ मंदिर और मणिपर्वत मंदिर के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। नागेश्वरनाथ मंदिर की सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मैट बिछाए गए हैं। वहीं तुलसी उद्यान, राम की पैड़ी, साकेत अंडरपास, भजन संध्या स्थल और बूथ-4 के समीप अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्राम की सुविधा मिल सके।
श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए प्रमुख स्थलों, शौचालयों और चेंजिंग रूम के पास दिशा-सूचक साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं। नगर निगम के अनुसार मेला क्षेत्र में 471 बायो शौचालय स्थापित किए गए हैं, जिनका उपयोग निशुल्क रहेगा। इसके अलावा महिलाओं के लिए नौ स्थायी और 100 अस्थायी चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। सरयू तट के घाटों की नियमित सफाई और जेटिंग मशीनों से धुलाई भी कराई जा रही है।
पेयजल व्यवस्था के तहत नगर निगम क्षेत्र में 85 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 48 अयोध्या धाम और 37 अयोध्या कैंट क्षेत्र में हैं। इसके अलावा 25 वाटर कियोस्क भी संचालित किए जा रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं को निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा तथा पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच भी की जा रही है।
बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, धर्मशालाओं, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रवर्तन दल अभियान चला रहा है। मेला क्षेत्र में आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए भी विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो उन्हें गौशालाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
नगर निगम द्वारा पॉलीथीन मुक्त अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों के साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीए सिस्टम) और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम (वीएमएस) के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और यातायात नियमों के पालन संबंधी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि श्रावण मेला, कांवड़ यात्रा और झूला मेले को देखते हुए नगर निगम द्वारा आवश्यक नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।