अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने शनिवार को ग्राम पंचायत परस कटुई में संचालित आत्मा फार्म स्कूल का निरीक्षण कर डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी धान की सीधी बुवाई तकनीक से तैयार फसल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेतों में अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन किया और किसानों से संवाद कर उनके अनुभव जाने।
निरीक्षण के दौरान उप निदेशक कृषि अश्विनी सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. रामजीत तथा कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को डीएसआर तकनीक और वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में उन्नत बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा कृषि निवेशों के बेहतर उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक से पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में बीज, उर्वरक और सिंचाई जल की उल्लेखनीय बचत होती है। इससे खेती की लागत लगभग 30 प्रतिशत तक कम की जा सकती है, जबकि उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। श्रम की आवश्यकता भी कम होने से किसानों का समय और संसाधन दोनों बचते हैं।
जिलाधिकारी ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आत्मा फार्म स्कूलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण देकर कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और क्षेत्र के प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।