अयोध्या। अयोध्या धाम के नया घाट स्थित राम की पैड़ी पर स्थित प्राचीन करमईया मंदिर के साकेतवासी महंत केशव दास के गोलोकवासी होने के पश्चात सोमवार को वैष्णव परंपरा के अनुसार महंताई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अयोध्या के संत-महंतों की उपस्थिति में विधि-विधानपूर्वक कंठी एवं चादर ओढ़ाकर शौर्य दास (शौर्य पांडेय) को करमईया मंदिर का नवागत महंत नियुक्त किया गया।
समारोह में उपस्थित संतों एवं महंतों ने बताया कि पूर्व महंत केशव दास के लंबी बीमारी के बाद साकेतवास होने के उपरांत वैष्णव कुल की परंपरा के अनुरूप बालक शौर्य दास को मंदिर का उत्तराधिकारी चुना गया है। अयोध्या के संत समाज, महंतों तथा मंदिर से जुड़े गृहस्थ भक्तों ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर सहमति जताई और वैष्णव परंपरा के अनुसार उन्हें कंठी-चादर प्रदान कर औपचारिक मान्यता दी।
संतों ने कहा कि चूंकि शौर्य दास अभी बाल्यावस्था में हैं, इसलिए मंदिर के सुचारु संचालन एवं उनके मार्गदर्शन के लिए मनोज कुमार पांडे ‘लल्ला‘ को सह-अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें मंदिर की व्यवस्थाओं की देखरेख करने, नवागत महंत का मार्गदर्शन करने तथा मंदिर एवं स्थान के विकास के लिए कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नव नियुक्त महंत शौर्य दास (शौर्य पांडेय) ने इस अवसर पर कहा कि उन्हें करमईया मंदिर की जो जिम्मेदारी संत समाज ने सौंपी है, उसका वे पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान की सेवा, गौ सेवा और संत सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे तथा ठाकुरजी की नियमित सेवा-पूजा निरंतर करते रहेंगे।
महंताई समारोह में अयोध्या के अनेक संत-महंत, धर्माचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समारोह वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और संतों के आशीर्वाद के बीच संपन्न हुआ।