अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट में कथित भ्रष्टाचार, दान-चढ़ावे के गबन और निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया है। अयोध्या में आयोजित प्रेस वार्ता में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पाल अम्मू ने ट्रस्ट, पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की।
सूरज पाल अम्मू ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में मिले दान, चढ़ावे और निर्माण कार्य में बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट स्वीकार्य नहीं है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि नए ट्रस्ट का गठन किया जाए, जिसमें स्थानीय लोगों, साधु-संतों और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े परिवारों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
प्रेस वार्ता में अम्मू ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने किसी को रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं की। उनके अनुसार, इससे पूरे मामले में समझौते की आशंका पैदा होती है।
करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पहले उत्तर प्रदेश और उसके बाद देशव्यापी चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान नृपेंद्र मिश्रा पर भी निर्माण सामग्री की खरीद में कथित कमीशनखोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। करणी सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर बयान देने तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कथित दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।