◆ एडीजी ने गांव पहुंचकर परिजनों से की मुलाकात, वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
अंबेडकर नगर। मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा गांव में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की तह तक पहुंचने और मौत की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए पुलिस ने पांच जांच टीमें गठित की हैं। बुधवार को एडीजी प्रवीण कुमार ने गांव पहुंचकर मृतका के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए निष्पक्ष जांच और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
परिजनों से बातचीत के बाद एडीजी ने बताया कि पांचों टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक जांच के साथ हिस्टोपैथोलॉजिकल एनालिसिस और बिसरा रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उनका गहन अध्ययन कर स्थानीय स्तर पर जुटाए जा रहे साक्ष्यों के साथ मिलान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी ने बताया कि घटना के बाद मृतका के घर पर 24 घंटे स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं और पांचों टीमों की प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, ताकि मामले का जल्द और निष्पक्ष खुलासा किया जा सके।
हत्या की आशंका पर दर्ज हुआ था मुकदमा
16 अगस्त की सुबह रूढ़ा गांव स्थित आवास पर इंद्रावती मिश्रा मृत अवस्था में मिली थीं। शुरुआती तौर पर आसपास के लोगों ने हृदयाघात से मौत होने की आशंका जताई थी। सूचना पर लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस आशुतोष मिश्रा गांव पहुंचे और मां की मौत पर संदेह जताते हुए मालीपुर पुलिस को अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इसके बाद तीन सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले और मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया गया। हालांकि, हत्या की आशंका को लेकर दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया है। अब फॉरेंसिक, हिस्टोपैथोलॉजिकल और बिसरा रिपोर्ट के आधार पर मौत की परिस्थितियों की गहन पड़ताल की जा रही है। इस दौरान डीआईजी अयोध्या रेंज सोमेन वर्मा, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।