अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को अब प्रत्येक वर्ष अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी करानी होगी। ऐसा न करने पर किसानों की आगामी किस्तों का भुगतान रोका जा सकता है। उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने जनपद के सभी किसान भाइयों से 30 जून 2026 से पहले ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने पीएम किसान योजना को अधिक पारदर्शी बनाने तथा केवल वास्तविक एवं जीवित लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से वार्षिक ई-केवाईसी व्यवस्था लागू की है। इससे फर्जी लाभार्थियों और डाटा दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी।
उप कृषि निदेशक के अनुसार किसानों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। लाभार्थी किसान नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा पीएम किसान मोबाइल एप के जरिए फेशियल ई-केवाईसी की सुविधा भी उपलब्ध है। किसान ग्राम नोडल अधिकारी (वीएनओ) अथवा कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की मदद से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसान अपात्र की श्रेणी में आ सकते हैं और उनकी आगामी किस्तों के भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है।
डॉ. सिंह ने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी राजकीय कृषि बीज भंडार, उप कृषि निदेशक कार्यालय या कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से समय रहते ई-केवाईसी कराने की अपील की है।