अयोध्या। नगर निगम ने राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति न होने पर सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। समीक्षा बैठक के दौरान दो राजस्व निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि गलत कर निर्धारण के आरोप में दो कर्मचारियों को हटाने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम कार्यालय में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कर एवं करेत्तर राजस्व की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर आयुक्त ने बकाया कर वसूली में तेजी लाने और बड़े बकाएदारों, विशेषकर होटल संचालकों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण, पुलिस विभाग समेत अन्य सरकारी संस्थानों को बकाया जमा करने के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं। नगर आयुक्त ने 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित आवासीय और व्यावसायिक भवनों से नियमित टैक्स वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर के कवर क्षेत्र में आने वाली भूमि का कर निर्धारण कर सूचना देने को कहा गया।
बैठक में कर वसूली से जुड़ी शिकायतों पर भी चर्चा हुई। नागरिकों की ओर से अधिक टैक्स लगाकर कम करने के नाम पर अनुचित मांग किए जाने की शिकायतों पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को चेतावनी दी। कम वसूली के कारण अयोध्याधाम के राजस्व निरीक्षक गोविंद प्रकाश पांडे और शमशेर सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
वहीं, अवधपुरी जोन में होटल कर निर्धारण को लेकर संतोषजनक जवाब न मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। महापौर और नगर आयुक्त ने कर्मचारी भोला गुप्ता व ओमप्रकाश श्रीवास्तव को हटाने के निर्देश दिए। पार्किंग, विज्ञापन वसूली और नए भवनों को कर दायरे में लाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार, जोनल अधिकारी अशोक कुमार गुप्त, सौरभ नाथ, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार, कर निर्धारण अधिकारी विनय प्रताप सिंह, कर अधीक्षक जयप्रकाश, विनय कुमार गौड़, राजस्व निरीक्षक अनिल यादव, देवीप्रसाद, वीरेंद्र पटेल, गोविंद प्रकाश पांडे, शमशेर सिंह, स्वप्निल सिंह, प्रतिमा श्रीवास्तव, वंदना आदि की मौजूदगी रही।