अंबेडकरनगर। कोतवाली टांडा क्षेत्र स्थित छज्जापुर पंजाब नेशनल बैंक शाखा से जुड़े मुआवजा राशि धोखाधड़ी और गबन मामले में पुलिस ने शुक्रवार सुबह मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर बैंक कर्मियों व साथियों के साथ मिलकर लोगों को पैसे डबल करने और पालिसी दिलाने के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की संपत्ति भी जब्त करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार पीलीकोठी मुबारकपुर दक्षिणी निवासी उमेर अहमद (32) को फुलवरिया तिराहे से सुबह लगभग बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली टांडा में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज था। गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी टांडा के नेतृत्व में की गई।
मामले की शुरुआत तब हुई जब रूपवती पत्नी जगदीश प्रसाद समेत करीब 15-16 लोगों ने पुलिस अधीक्षक के जनता दर्शन में शिकायत दी। आरोप लगाया कि एनटीपीसी व एनएचआई द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की रकम को पालिसी और निवेश के नाम पर ठग लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने लोगों से ब्लैंक चेक लेकर कम रकम की पालिसी कराई और बाकी पैसा अपने व रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कराया या नकद निकाल लिया।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2019 से फरवरी 2025 तक यह ठगी का खेल चलता रहा। आरोप है कि लोगों को फर्जी व कूटरचित बांड पेपर देकर विश्वास में लिया गया। मामले में आरोपी के साथी शरद मौर्य व अज्ञात बैंक कर्मियों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए एक अर्टिका कार, बुलेट मोटरसाइकिल, स्कूटी, सैमसंग गैलेक्सी एस-23 व आईफोन 15 प्रो जब्त किया है। साथ ही रिश्तेदारों के 13 बैंक खाते सीज किए गए हैं। पुलिस अन्य संपत्तियों, वाहनों व बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।
कोतवाली टांडा पुलिस टीम में निरीक्षक अपराध श्रीचंद्र यादव, हेड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद, कांस्टेबल भूपेंद्र यादव व महिला कांस्टेबल आरती पांडेय शामिल रहीं। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनकी संपत्तियां भी अटैच की ।