Saturday, March 7, 2026
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दुबई में 24वां भारतीय गणतंत्र दिवस कवि सम्मेलन एवं मुशायरा समारोह 31 जनवरी को – सैय्यद सलाहुद्दीन

अम्बेडकर नगर। भारत के गौरवशाली गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर दुबई में होने वाला 24वां भारतीय गणतंत्र दिवस कवि सम्मेलन और मुशायरा समारोह भारत महोत्सव आगामी 31 जनवरी को मोबिनपिक ग्रैंड अलबुस्तान दुबई में बहुत धूमधाम से होने जा रहा है.भारतीय गणतंत्र दिवस कवि सम्मेलन एवं मुशायरा समारोह के संस्थापक और आयोजक सैय्यद सलाहुद्दीन ने बताया कि वह लगातार 24 वर्षों से

भारत के बाहर विदेशी सरजमीं पर पूरी दुनिया के हिंदी उर्दू कवियों, साहित्यकारों, शायरों को एक मंच पर लाकर पूरी दुनिया में कौमी एकता और वसुधैव कुटुंबकम् का भारतीय संस्कृति को बुलंदियों पर पहुंचा रहे हैं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को युवाओं बुद्धिजीवियों कवियों शायरों के तरानों से नया आयाम दे रहे हैं.

दुबई में होनेवाले कला साहित्य और संस्कृति के वैश्विक संगम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार सैय्यद फरजान रिजवी और समारोह का संचालन प्रख्यात शायर नय्यर जलालपुरी उर्दू विभागाध्यक्ष लखनऊ विश्वविद्यालय करेंगे जिन्होंने अपने नैसर्गिक शायराना अंदाज में पहले भी समारोह में चार चांद लगाया है।

शायरों और साहित्यकारों में प्रमुख रूप से मंजर भोपाली,अज्म शकरी,डा रमा सिंह, प्रोफेसर नय्यर जलालपुरी,नगमा नूर,अतुल अजनबी, हिमांशी बबरा,सैफ बाबर,राधिका गुप्ता,आयुषी रखेचा और डा दिलशाद गोरखपुरी अपनी कविताओं,शायरी से समारोह को अलंकृत कर कौमी एकता को बढ़ावा देंगे।

भारतीय गणतंत्र दिवस कवि सम्मेलन और मुशायरा समारोह के संस्थापक सदस्य सैय्यद मेराजुद्दीन किछौछवी ने बताया कि भारतीय महोत्सव समारोह में ही विश्वविख्यात कवियों शायरों बुद्धिजीवियों की रचनाओं से सुशोभित बहुत ही भव्य स्मारिका का विमोचन किया जायेगा।

आयोजन की भव्यता को परिभाषित करते हुए आयोजक और मुख्य संस्थापक सै सलाहुद्दीन ने बताया कि दुबई में दुनिया के कोने-कोने से पहुंचने वाले विशिष्ट बुद्धिजीवियों के साथ कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है हिंदुस्तान की आन बान शान पर मेरे जीवन का हर पल समर्पित है.उन्होंने कहा कि दुबई में होनेवाला भारतीय गणतंत्र दिवस कवि सम्मेलन और मुशायरा समारोह 2026 विश्व की लोकप्रियता की पहचान हिंदी और उर्दू भाषा की शक्ति का प्रमाण है जो सीमाओं से परे हटकर हर समुदाय के दिलों को जोड़कर अपनी गौरवशाली विरासत को साझा करती है।

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