अयोध्या। महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, अयोध्या के संचालन को दो वर्ष पूरे हो गए हैं। एयरपोर्ट का लोकार्पण 30 दिसंबर 2023 को किया गया था। इन दो वर्षों में एयरपोर्ट से 7,85,412 यात्रियों का आगमन-प्रस्थान दर्ज किया गया है। नागरिक उड्डयन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है।
एयरपोर्ट संचालन के प्रारंभिक दौर में कुल 28 उड़ानें (आगमन एवं प्रस्थान मिलाकर) शुरू की गई थीं। वर्तमान में यहां से 22 उड़ानों का नियमित संचालन हो रहा है, जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों को अयोध्या से जोड़ती हैं। कुछ मार्गों पर दरभंगा, कोलकाता, पटना और जयपुर की उड़ानें प्रचालनात्मक कारणों से अस्थायी रूप से बंद की गई हैं। संबंधित एयरलाइनों द्वारा इन रूट्स को पुनः शुरू करने की संभावना जताई गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर पार्किंग, प्री-पेड टैक्सी काउंटर, फूड एंड बेवरेज आउटलेट, उपहार व मिठाई की दुकानें, फ्री वाई-फाई, बिजनेस लाउंज, फूड कोर्ट, गोल्फ कार्ट सेवा तथा ओला-उबर कैब की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हाल ही में जारी यात्री संतुष्टि रैंकिंग में भी एयरपोर्ट को सुविधाओं के आधार पर स्थान मिला है।
एयरपोर्ट का निर्माण प्रथम चरण में लगभग 1450 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल लगभग 6500 वर्ग मीटर है, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता 10 लाख रखी गई है। टर्मिनल की आंतरिक साज-सज्जा में रामायण थीम पर आधारित कलाकृतियां और भित्ति चित्र लगाए गए हैं।
एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, संचालन शुरू होने के बाद क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। पर्यटन, व्यापार और धार्मिक यात्राओं में वृद्धि दर्ज की गई है। एयरपोर्ट के आसपास होटल, परिवहन और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में भी गतिविधियां बढ़ी हैं। वर्तमान में एयरपोर्ट विस्तार की योजना प्रक्रियाधीन है, जिसमें यात्री क्षमता बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन के साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावना पर भी कार्य किया जा रहा है।