◆ साची को सीएमओ ने भेजा कार्रवाई से सम्बंधित पत्र
◆ सोना अस्पताल में सर्जरी के दौरान मिली खामियां भी जांच का विषय
अयोध्या। निर्मला और सोना अस्पताल द्वारा केस शीट व अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने के चलते कार्रवाई फिलहाल लंबित है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुशील कुमार बानियान ने 26 दिसम्बर तक सभी दस्तावेज न मिलने की स्थिति में दोनों अस्पतालों के विरुद्ध अर्थदंड, सीलिंग, पंजीकरण निरस्तीकरण अथवा निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। निर्मला व सोना अस्पताल प्रकरण को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में सीएमओ डा. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि अभी तक निर्मला अस्पताल ने केस शीट से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए हैं। जैसे ही सभी कागजात उपलब्ध होंगे, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दोनों अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए 26 दिसम्बर तक केस शीट का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद अर्थदंड लगाने, अस्पताल सील करने, पंजीकरण रद्द या निलंबित करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि मामले में एक तकनीकी समस्या भी सामने आ रही है। निर्मला अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध है, ऐसे में कार्रवाई से पहले संस्था ‘साची’ को सूचना देना आवश्यक है। इसके लिए पत्र भेज दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि सोना अस्पताल में सर्जरी की गई थी, जहां एनेस्थेटिस्ट स्तर पर खामियां सामने आई हैं। यह भी जांच का विषय है कि मरीज को कहां रेफर किया गया था, हायर सेंटर या किसी अन्य अस्पताल। इस संबंध में पीड़ित पक्ष से जानकारी ली जाएगी और उपलब्ध अभिलेखों की जांच की जाएगी। रेफर से संबंधित कोई लिखित कागज पीड़ित को उपलब्ध न कराए जाने के सवाल पर सीएमओ ने कहा कि यदि रेफर का कोई दस्तावेज पीड़ित को नहीं दिया गया है, तो सोना अस्पताल पर कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अभिलेखों में किसी प्रकार की हेराफेरी की गई, तो लखनऊ स्थित अस्पताल की रिपोर्ट ही कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार होगी।