अयोध्या। सरयू तट से सटे क्वीन हो मेमोरियल पार्क में अयोध्या की राजकुमारी एवं दक्षिण कोरिया की महारानी हो (क्वीन हो) की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। नगर निगम के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने विधिवत रूप से प्रतिमा का अनावरण किया। यह अवसर भारत और कोरिया के बीच लगभग 2000 वर्ष पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की स्मृति को समर्पित रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। इसके पश्चात महारानी हो की प्रतिमा का अनावरण किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रतिमा अनावरण के साथ ही पार्क परिसर में ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक संवाद का वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या की राजकुमारी महारानी हो की स्मृति भारत और कोरिया के प्राचीन संबंधों की प्रतीक है। मान्यता है कि लगभग 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की यह राजकुमारी समुद्री मार्ग से कोरिया गई थीं, जहां उनका विवाह हुआ और वे वहां की महारानी बनीं। आज भी दक्षिण कोरिया में उन्हें सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है।
पार्क की चीफ कोऑर्डिनेटर वंदना शर्मा ने बताया कि क्वीन हो मेमोरियल पार्क अयोध्या और कोरिया के ऐतिहासिक रिश्तों को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण स्थल है। स्थापित की गई प्रतिमा लगभग 12 फुट ऊंची है, जिसे रॉक स्टोन मटेरियल से तैयार किया गया है। प्रतिमा का निर्माण कोरिया के कारीगरों द्वारा किया गया है और इसे अयोध्या तक पहुंचाने में लगभग 20 दिन का समय लगा।
पार्क में आने वाले दर्शकों को इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से ध्यान केंद्र, प्रदर्शनी कक्ष, सरोवर, सेतु, किंग पवेलियन और क्वीन पवेलियन का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही राजकुमारी की कोरिया यात्रा की प्रतीकात्मक नाव और गोल्डन एग भी प्रदर्शित किए गए हैं।
करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह पार्क सितंबर 2019 में प्रारंभ होकर नवंबर 2021 में पूर्ण हुआ। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह स्थल अब अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।