अम्बेडकर नगर। जनपद में अवैध रूप से संचालित हो रहे चिकित्सालयों और नर्सिंग होम पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। ऐसे हॉस्पिटलों के संचालकों के खिलाफ अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय शैवाल ने इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई की सिफारिश की है।
सूत्रों के अनुसार, जनपद में लंबे समय से कुछ लोग बिना पंजीकरण और योग्यता के छोटे-बड़े चिकित्सालयों का संचालन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर छापेमारी कर इन पर मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन इन मामलों में आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती रही। जमानत पर रिहा होते ही ये लोग दोबारा लोगों की जान से खिलवाड़ करने लगते हैं।
अब इस दोहराव को रोकने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से सीएमओ ने गैंगस्टर एक्ट जैसी कठोर धारा के तहत कार्रवाई किए जाने का सुझाव दिया है। सीएमओ कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि ये लोग न सिर्फ कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि आमजन की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। इसलिए इनके खिलाफ संगठित अपराध की श्रेणी में मामला दर्ज किया जाना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की जानकारी होते ही जिले के अवैध हॉस्पिटल संचालकों में हड़कंप मच गया है। यह कदम ऐसे लोगों के खिलाफ एक कड़ा संदेश माने जा रहा है जो स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं।
उधर, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने भी इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही संयुक्त टीम बनाकर चिन्हित अस्पतालों की जांच शुरू करने की योजना बनाई है। यदि यह कार्रवाई प्रभावी रूप से लागू होती है, तो जनपद में फर्जी और अवैध स्वास्थ्य सेवाओं की जड़ें उखड़ सकती हैं।
जनता ने इस पहल का स्वागत करते हुए मांग की है कि ऐसे फर्जी चिकित्सकों और अस्पताल संचालकों के खिलाफ न सिर्फ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, बल्कि इनके खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए ताकि लोग ठगे जाने से बच सकें।