अयोध्या। सिंधी समाज द्वारा आयोजित 73वांप्रभुझूलेलालमहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। संन्त नवलराम दरबार में 40 दिनों तक आरती, भजन-कीर्तन के बाद हवन, कलश पूजन और आरती साहब के साथ महोत्सव का समापन हुआ।
महोत्सव की पूर्व संध्या (19 अगस्त) पर होटल कोहिनूर पैलेस में आयोजित समारोह में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेवदेवनानी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विशिष्ट प्रतिभाओं, मेधावी विद्यार्थियों, रंगकर्मियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रभुझूलेलालकीशिक्षाएंआजभीमानवताऔरसामाजिकसद्भावकीप्रेरणादेतीहैं। उन्होंने अयोध्या में प्रभु झूलेलाल मंदिर की स्थापना हेतु भूमि उपलब्ध कराने, उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के बजट पुनर्गठन और साकेतएक्सप्रेसकानामबदलकरप्रभुझूलेलालएक्सप्रेस कराने का आश्वासन भी दिया।
अगली संध्या पर मुख्य अतिथि आईपीएसदेवेशचतुर्वेदी ने मेधावी प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सिंधी लोकगायक जतिन उदासी (मुंबई) और पियाशी कारवानी (दिल्ली) ने लोकगीतों से समा बांध दिया।
21 अगस्तकोभव्यशोभायात्रा निकाली गई जिसमें धार्मिक झांकियों के साथ लवजिहाद, शिवकीमहिमा, पहलगामहादसा जैसे सामाजिक संदेश भी प्रदर्शित हुए। नगर में जगह-जगह विभिन्न संगठनों ने स्वागत किया। शोभायात्रा का समापन गुप्तार घाट पर सामूहिक भजन-कीर्तन और भव्य आरती के साथ हुआ।
तीन दिवसीय महोत्सव में चित्रकला, फूलकी खाओ प्रतियोगिता और भंडारे जैसी गतिविधियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। इस दौरान समाज के सैकड़ों लोगों ने आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शोभायात्रा को हरी झण्डी अध्यक्ष अमृत राजपाल, नरेन्द्र क्षेतपाल, मोहन मध्यान, गिरधारी चावला, जय प्रकाश क्षेत्रपाल, ओम अंदानी, संदीप मध्यान, धीरज राजपाल आदि ने दिखायी।