अम्बेडकर नगर। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद के 506 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र’ के रूप में विकसित करने की पहल की गई है, जिससे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
इस अभियान के तहत केंद्रों में पोषण वाटिका और बाला पेंटिंग का कार्य पंचायतीराज विभाग को सौंपा गया है, जबकि रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराई जा रही है। सभी संबंधित विभागों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर बाल विकास परियोजना अधिकारी और खंड विकास अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
बाल स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। शून्य से छह वर्ष तक के 98.37 प्रतिशत बच्चों का वजन कराया जा चुका है, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा गृह भ्रमण का कार्य 97.27 प्रतिशत तक पूरा किया गया है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खनन विभाग की ओर से 120 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल किट उपलब्ध कराई गई है। इन किटों में शैक्षिक सामग्री, खिलौने और अन्य उपकरण शामिल हैं, जिनसे बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 15 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 12 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष तीन केंद्रों का कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं को और प्रभावी बनाकर बच्चों, गर्भवती व धात्री माताओं को बेहतर पोषण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।Bottom of Form