अम्बेडकर नगर। राम मंदिर निर्माण में देशभर से जुड़े समर्पित हाथों और प्रतिभाओं को सम्मान देने के लिए नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में मंगलवार को भव्य समारोह आयोजित हुआ, जहां 30 चुनिंदा विभूतियों को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस गरिमामय अवसर पर संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सभी का अभिनंदन करते हुए उनके कार्यों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बताया।
सम्मानित होने वालों में जनपद के टांडा तहसील अंतर्गत ग्राम ओदरा निवासी फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी का नाम भी शामिल रहा। मनीष त्रिपाठी रामलला के नित्य वस्त्रों की सेवा से जुड़े हुए हैं और प्राण प्रतिष्ठा के दिन से निरंतर भगवान के दैनिक परिधान तैयार कर रहे हैं।
बताया जाता है कि उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले वस्त्र पूरी तरह भारतीय पारंपरिक परिधानों एवं स्वदेशी टेक्सटाइल शिल्प पर आधारित होते हैं। ये वस्त्र श्रद्धापूर्वक प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित किए जाते हैं। मनीष त्रिपाठी का संकल्प है कि देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वस्त्र कला भगवान तक पहुंचे। इसी क्रम में वे एरी, मूगा, कोटपाड, तोड़ा, भील, बनजारा सहित अनेक जनजातीय एवं क्षेत्रीय बुनाई शैलियों को रामलला के श्रृंगार में शामिल कर रहे हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण केवल एक स्थापत्य कार्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। इसमें योगदान देने वाले सभी लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है।
समारोह में देशभर से आए गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही और सभी सम्मानित विभूतियों के योगदान की सराहना की गई।