अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर प्रस्तावित 25 नवंबर के ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले अयोध्या में शनिवार को फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर द्वारा आयोजित थर्ड गवर्निंग बॉडी मीटिंग एवं इंटरस्टेट 2025 के तहत देशभर से आई करीब 150 उद्यमी महिलाओं के दल ने रामलला के दर्शन-पूजन किए। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पूनम शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे इस दल में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा, उपाध्यक्ष सिमरन साहनी, आरुषि अग्रवाल, विभा अग्रवाल, स्वाति वर्मा एवं स्मृति गर्ग सहित विभिन्न राज्यों की प्रतिनिधि महिलाएं शामिल रहीं।
गुप्तार घाट पर हुआ पारंपरिक स्वागत
रामलला के दर्शन से पूर्व टीम गुप्तार घाट पहुंची, जहां नगर निगम महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह के प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। स्वागत के उपरांत महिलाओं ने गुप्तार घाट पर आयोजित दीपदान कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मां सरयू की आरती की। इस आयोजन का संयोजन अयोध्या की निवेदिता सिंह एवं फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की अध्यक्ष वंदिता अग्रवाल द्वारा किया गया।
अयोध्या को बताया राष्ट्र चेतना का केंद्र
रामलला मंदिर परिसर पहुंचने से पूर्व मीडिया से वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पूनम शर्मा ने कहा कि अयोध्या आज केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या विश्व पटल पर अपनी पहचान पुनः स्थापित कर रही है। मुंबई से आई प्रतिनिधि नीना पटेल ने कहा कि ध्वजारोहण का क्षण ऐतिहासिक होगा और यह स्वतंत्रता के बाद पहली बार मंदिर परिसर में राष्ट्रध्वज के सम्मान का प्रतीक बनेगा।लखनऊ चैप्टर की पूजा ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव रही।
महापौर ने जताया आभार
नगर निगम महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने फिक्की फ्लो की महिलाओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह अवसर संपूर्ण राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है और अयोध्या आने वाली हर श्रद्धा का सम्मान करने को तैयार है। फिक्की फ्लो का यह प्रतिनिधिमंडल दर्शन-पूजन के बाद सरयू तट और रामपथ के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन भी करेगा।