◆ 30 अप्रैल 2026 तक पूरे होंगे सभी निर्माण कार्य: नृपेंद्र मिश्रा
◆ एलएंडटी व टाटा कंसलटेंसी देंगी तीन वर्ष की गारंटी
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2026 तक राम मंदिर से संबंधित सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसियां एलएंडटी (L&T) और टाटा कंसलटेंसी मंदिर परिसर से हट जाएंगी। इसके साथ ही सभी दस्तावेजों को अंतिम रूप देने और बिलों के भुगतान की प्रक्रिया भी 30 अप्रैल तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी ने मंदिर निर्माण कार्य पर तीन वर्षों की गारंटी दी है। साथ ही मंदिर के रखरखाव के लिए दोनों संस्थानों की एक छोटी तकनीकी इकाई (स्मॉल यूनिट) मंदिर परिसर में तैनात रहेगी। एलएंडटी, टाटा कंसलटेंसी और राज्य निर्माण निगम के साथ किए गए सभी एग्रीमेंट अब ट्रस्ट के अधीन कर लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य अभी शेष है, जिसे अप्रैल 2026 तक पूरा किए जाने की संभावना है। राम मंदिर निर्माण पर कुल करीब 1900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें से अब तक 1600 करोड़ रुपये का भुगतान जीएसटी सहित किया जा चुका है।
नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि कैंसर इंस्टीट्यूट का डिजाइन तैयार हो चुका है, हालांकि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में देरी हो रही है। वहीं, सप्त मंदिर में आम श्रद्धालुओं के दर्शन मार्च महीने से शुरू होने की संभावना जताई गई है।