अयोध्या। जनपद में 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं की सक्रियता ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले आठ महीनों में दोनों सेवाओं ने मिलकर डेढ़ लाख से अधिक मरीजों को अस्पताल पहुंचाया है। आपात स्थिति में कॉल मिलते ही एम्बुलेंस औसतन 15–20 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच रही है, जिससे उपचार का समय कम हुआ है और राहत मिलने की गति बढ़ी है।
एक कॉल पर मिल रही त्वरित सहायता
102 सेवा ने अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच 1 लाख से अधिक मरीजों को आपातकालीन सहायता प्रदान की है। इनमें गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज प्रमुख हैं। वहीं 108 सेवा ने इसी अवधि में 50 हजार से अधिक मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया है। हाइवे हादसे, हृदय रोग, सांप काटने और अन्य आपात स्थितियों में 108 एम्बुलेंस की उपलब्धता महत्वपूर्ण साबित हुई है। रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर और सोहावल जैसे दूरस्थ इलाकों में भी एम्बुलेंस औसतन 15–20 मिनट में पहुंच रही है। मिल्कीपुर के एक हालिया मामले में रात 2 बजे 102 सेवा को कॉल करने पर 12 मिनट में एम्बुलेंस पहुंची, जिससे प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को समय से जिला अस्पताल ले जाया जा सका।
ट्रॉमा सेंटर में अधिकतर मरीज 108 से
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने वाले अधिकतर मरीज 108 एम्बुलेंस के माध्यम से लाए जा रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर अस्पताल पहुंचाना ही उपचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह सेवाएं इस आवश्यकता को पूरा कर रही हैं। दोनों सेवाओं की एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार किट जैसी बुनियादी आवश्यकताएं उपलब्ध हैं, जिससे रास्ते में मरीजों को प्रारंभिक उपचार मिल सके। कॉल सेंटर के माध्यम से शिकायतों और आपात कॉलों को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।