पूरा बाजार, अयोध्या । आज ईद-ए-मिलाद किसी के जन्मोत्सव से कहीं बढ़कर है , यह उन मूल्यों से से फिर से जुड़ने का अवसर है ,जो पैगंबर के जीवन को परिभाषित करते हैं ईमानदारी , विनम्रता , उदारता और न्याय l उन्होंने बताया कि पैगंबर साहब का जीवन एक जीवंत मार्ग दर्शक है जो दुनिया को अपने स्वंय के निर्णयों पर चिंतन करने के लिए प्रोत्साहित करता है । यह बात ईद-ए-मिलाद जिसे मैलिद मिलद-उल-नबी या बारावफात के मुकद्दस नाम से जाना जाता है ।
कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी मोहम्मद रईस ने कहा कि मुसलमानों के लिए पैगंबर साहब ईश्वर के अन्तिम दूत करुणा , न्याय , और मानवता के प्रतीक हैं और यह दिन दिखावटीपन से नहीं बल्कि आनंद और चिंतन के मिश्रण से चिह्नित होता है । मुस्लिम नेता मुख्तार आलम ने बताया कि आज के दिन का एक ही सार है कि आज के दिन हम लोग उन सख्सियतों का सम्मान करते हैं जिनकी शिक्षाएं मानव जीवन को आकार देती रहती हैं । इस अवसर पर रज्जबअली , सादिक अली , मुदस्सिर अहमद , अहद हसन , असलिहान फातिमा , ‘ शम्भू नाथ सिंह दीपू , अमित सिंह पुच्चर , सुनील सिंह मुन्ना तथा राज कुमार यादव सहित सैकड़ों की संख्या में हिन्दू- मुस्लिम फिरके के लोग जुलूस शक्ल में सुबह जुमें की नमाज से पूर्व मदरसे से निकल कर पुराने बाजार होते हुए बिलहरी शरीफ के कर्बला तक गए ।