◆ परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
◆ प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित, सात दिन में सौंपेगी रिर्पोट
अयोध्या। गंजा स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र सागर पटेल की मौत ने पूरे प्रकरण को संदेहों के घेरे में खड़ा कर दिया है। मृतक छात्र के पिता समर बहादुर ने फोन पर बातचीत में मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
उनका कहना है कि परीक्षा देने के लिए सागर ने एक टीचर का पैर तक पकड़ लिया था, लेकिन शिक्षक ने अपमानजनक ढंग से जवाब देते हुए कहा, तुझे तो खास तौर पर पेपर नहीं देंगे। पिता का आरोप है कि इस उत्पीड़न में एक और व्यक्ति भी शामिल था, जिसने मिलकर बेटे पर लगातार दबाव बनाया। समर बहादुर ने कहा कि उनका बेटा बेहद प्रतिभाशाली था। सवा छह फुट लंबा और 95 किलो वजन का सागर हर कक्षा में टॉपर रहा। चार बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना उन्होंने पूरा किया था।
छात्र आत्महत्या मामले की जांच करेगी पांच सदस्यीय कमेटी
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सत्यजीत वर्मा ने मृतक छात्र के पिता से बात किया है। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। गठित कमेटी में डॉ. विनीता, डॉ. आनंद शुक्ला, डॉ. अंजुमन चौधरी और डॉ. प्रदीप यादव शामिल हैं। कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी। यह भी देखेगी कि घटना कैसे हुई, कहां चूक हुई और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।