◆ सरयू तट से चौक तक महापौर ने किया स्थलों का निरीक्षण, सफाई-पानी-प्रकाश की दी हिदायत
◆ विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, शौचालय, वस्त्र बदलने के कॉटेज व स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था होगी
अयोध्या। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार एवं नगर निगम की टीम के साथ दुर्गा पूजा से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चौक में घंटाघर की बंद पड़ी घड़ी को चालू कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण की शुरुआत सरयू तट अयोध्या से की। यहां उनके साथ अपर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ एवं भारत कुमार, निर्माण खंड के सहायक अभियंता राजपति यादव, जोनल अधिकारी अयोध्या धाम अशोक गुप्त भी थे। महापौर ने मूर्ति विसर्जन स्थल का जायजा लिया और वहां सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के बैठने के लिए कैंप स्थापित करने निर्देश दिए।
उन्होंने विसर्जन स्थल पर कुर्सी-मेज, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल के लिए स्थापित जल प्याऊ की सफाई कराने एवं टैंकर खड़ा करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं पुरुष शौचालय तथा महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए बनाए गए कॉटेज का भी निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के करने की हिदायत दी। महापौर ने फ्लोटिंग वैरीकेडिंग को भी समय से व्यवस्थित कर लेने की हिदायत दी।
अयोध्या के बाद महापौर चौक पहुंचे। यहां नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरएम शुक्ल के साथ उपसभापति राजेश गौड़ भी मौजूद थे। नगर आयुक्त ने चौक में नए शौचालय बनवाने का आदेश दिया। महापौर ने घंटाघर का निरीक्षण किया और मरम्मत कराकर घड़ी चालू करान का निर्देश दिया। महापौर ने चौक की प्रकाश व्यवस्था को और सुदृढ़ करने को कहा। उन्होंने पुरानी सब्जी मंडी जाने वाले रास्ते पर लगे जलप्याऊ के सामने से अतिक्रमण हटाने तथा शौचालय के संबंध में मुख्य मार्ग पर साइनेस लगाने का निर्देश दिया।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय ने बताया कि जीआसी के मैदान में घास की सफाई के लिए मशीनों की संख्या बढ़ाकर दो दिन के अंदर घास की कटाई सुनिश्चित कराने, घास को गौशाला भिजवाने, 24 घंटा पहले प्रकाश की व्यवस्था का निर्देश दिया। यहां पार्षद हरिश्चंद्र के साथ ओवर ब्रिज के सर्विस मार्ग का जायजा लिया और उसे ठीक करने को कहा। उन्होंने जीआईसी गेट के बगल कच्ची नाली को मिट्टी से ढकने की हिदायत दी। महापौर ने विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए शेड स्थापित करने, सफाई, पेयजल, प्रकाश, शौचालय तथा स्वास्थ्य शिविर लगाने के साथ ही दोपहिया वाहनों की पार्किंग करने का प्रबंध करने का निर्देश दिया।