जलालपुर, अंबेडकर नगर। स्टांप एवं पंजीयन विभाग में निजी भागीदारी लागू किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में जलालपुर उप निबंधन कार्यालय परिसर में मंगलवार से स्टांप वेंडरों, बैनामा लेखकों और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रस्ताव को रोजगार विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। इस संबंध में बैनामा लेखकों ने उप निबंधक संतराम को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
धरने को संबोधित करते हुए बैनामा लेखक विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ने स्टांप वेंडरों और बैनामा लेखकों से बिना किसी विचार-विमर्श के विभाग में निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे प्रदेश भर के हजारों बैनामा लेखक, स्टांप विक्रेता तथा उनसे जुड़े कर्मचारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निजी कंपनियों के माध्यम से सेवाएं संचालित होने पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उनका आरोप है कि सेवा शुल्क के नाम पर लोगों का शोषण होने की आशंका भी बनी रहेगी। उन्होंने सरकार से प्रस्तावित व्यवस्था को वापस लेने और संबंधित पक्षों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की।
उधर, सरकार का पक्ष है कि स्टांप एवं पंजीयन विभाग में आधुनिक तकनीक और निजी भागीदारी के माध्यम से सेवाओं में पारदर्शिता आएगी। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका कम होगी तथा दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और सुविधाजनक बन सकेगी। सरकार का यह भी मानना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी।
हालांकि सरकार के इस कदम को लेकर विभाग से जुड़े लोगों में नाराजगी बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका कार्य बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। आंदोलन के कारण उप निबंधन कार्यालय में बैनामा और पंजीयन संबंधी कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरना-प्रदर्शन में श्याम बहादुर, शैलेंद्र सिंह, दिनेश कुमार वर्मा, हौसला प्रसाद, योगेंद्र प्रसाद, पुनीत श्रीवास्तव, आनंद कुमार शुक्ला, बृजेंद्र कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में स्टांप विक्रेता एवं बैनामा लेखक मौजूद रहे। ज्ञापन सौंपते समय सभी ने एक स्वर में प्रस्तावित व्यवस्था वापस लेने की मांग दोहराई।