अयोध्या। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने जा रहा है। अयोध्या जिले की गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। अमेठी के गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में वह सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके साथ समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी के भी भाजपा में शामिल होने की तैयारी है।
अभय सिंह की भाजपा में संभावित एंट्री को अयोध्या मंडल की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बाद उनका सपा नेतृत्व से टकराव बढ़ा था। जून 2025 में सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
भाजपा में शामिल होने से पहले अभय सिंह ने गोसाईगंज विधानसभा सीट को लेकर अपनी दावेदारी जताई है। उनका कहना है कि वह वर्तमान में गोसाईगंज से विधायक हैं, इसलिए इस सीट पर उनका दावा स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि होगा और पार्टी जो फैसला करेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा।
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अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी पर रामचरितमानस विवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचरितमानस जलाए जाने की घटना पर सपा ने प्रभावी विरोध नहीं किया। इसके विपरीत उन्होंने भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। उनके मुताबिक भाजपा गरीबों, मजदूरों, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
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2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभय सिंह ने अयोध्या विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत का दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरने वाला प्रत्याशी कम से कम 25 हजार मतों से जीत सकता है। प्रत्याशी मजबूत होने पर जीत का अंतर एक लाख मतों तक पहुंचने की संभावना भी उन्होंने जताई।