◆ दशहरा बुराइयों को पहचानने और अच्छे व्यक्तित्व को अपनाने का पर्व
अयोध्या। दशहरा केवल रावण दहन और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने की सीख भी देता है। रावण के दस सिर को मनुष्य के व्यक्तित्व में मौजूद अलग-अलग बुराइयों का प्रतीक मानकर समझा जा सकता है। जिला चिकित्सालय के माइंड मेंटर डॉ. आलोक मनदर्शन ने दशहरा की पूर्व संध्या पर मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसकी व्याख्या की।

मनो परामर्शदाता, जिला चिकित्सालय अयोध्या


