◆ डा आलोक मनदर्शन में पुलिस कर्मीयों को दिए स्वथ्य मनोदशा के मंत्र
अयोध्या। पुलिस सेवा में दमखम, जोश और जज्बा बनाए रखने के लिए दिमागी हार्मोन का संतुलन बेहद जरूरी है। पुलिस लाइन्स प्रशिक्षण ऑडिटोरियम में आयोजित मनोसंवाद सत्र में जिला चिकित्सालय के माइंड-मेंटर डॉ. आलोक मनदर्शन ने जवानों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डोपामिन हार्मोन जहां जोश और उत्साह बढ़ाता है, वहीं सेरोटोनिन हार्मोन संयम और मानसिक शांति लाता है। इन दोनों का संतुलन पुलिस कर्मियों में मानसिक लचीलापन (मेंटल-रेजीलिएंस) बढ़ाकर चुनौतियों से उबरने की क्षमता देता है। अगर इनकी कमी हो जाए तो तनाव, चिंता, अवसाद, गुस्सा, नशे की लत और पारिवारिक विवाद जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉ. मनदर्शन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण नींद मानसिक स्वास्थ्य की पहली शर्त है। नींद से मस्तिष्क फिर से ऊर्जावान होकर तनाव कम करता है और नकारात्मक तनाव को सकारात्मक ऊर्जा में बदल देता है। उन्होंने बताया कि सेरोटोनिन, डोपामिन, एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन जैसे ‘हैप्पी हार्मोन’ मानसिक मजबूती और तनाव सहन करने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
सत्र में जवानों को सलाह दी गई कि तनाव, उलझन, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा जैसी समस्याओं पर मनोपरामर्श बेहद उपयोगी है। यह कार्यक्रम एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन, एएसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी के संयोजन और प्रतिसार निरीक्षक संदीप कुमार राय के प्रबंधन में आयोजित हुआ। इसमें प्रशिक्षु पुलिस जवानों के साथ प्रशिक्षणकर्मी और अधिकारी भी मौजूद रहे।