◆ बीकापुर में सात आपत्तियों पर दोबारा होगी स्थलीय जांच, मिल्कीपुर में एक सुझाव स्वीकार
अयोध्या। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं संशोधन की प्रक्रिया के तहत सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में बताया गया कि निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतम 1,200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों का सम्भाजन किया गया है। वहीं, 300 से कम मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों के आवश्यकतानुसार समायोजन के साथ पुराने और जर्जर भवनों तथा मतदाताओं को अधिक दूरी तय करने वाले स्थलों की भी समीक्षा की गई। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार रुदौली विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 390 मतदेय स्थल हैं, जिनकी संख्या घटाकर 384 करने का प्रस्ताव है। मिल्कीपुर (अजा) में 443, बीकापुर में 435, अयोध्या में 411 और गोसाईंगंज में 452 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं।
बीकापुर में सात आपत्तियों पर होगी दोबारा जांच
बैठक में मतदेय स्थलों के संबंध में प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर भी चर्चा हुई। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में कोई सुझाव या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्राप्त एक सुझाव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में प्राप्त 10 सुझावों एवं आपत्तियों में से तीन को सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया, जबकि शेष सात मामलों में दोबारा स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में प्राप्त आठ प्रस्तावों को निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर अस्वीकार कर दिया गया।
सुझाव और आपत्तियां संबंधित एसडीएम को दे सकेंगे
जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों के संबंध में प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रस्तावों को निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदेय स्थलों के संबंध में अपने सुझाव और आपत्तियां संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी को उपलब्ध करा सकते हैं। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी, संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।