अयोध्या । इंजेक्शन की ओवरडोज से महिला की मौत के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निर्मला और सोना अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी है। मामले की जांच पूरी होने तक दोनों निजी अस्पतालों की आईपीडी सेवाएं बंद रहेंगी।
मंगलवार देर शाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बानियान के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों अस्पतालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दोनों अस्पतालों के संबंधित चिकित्सक मौके पर नहीं मिले, जिससे तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद विभाग ने एहतियातन दोनों अस्पतालों में नए मरीजों को भर्ती करने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया।
कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के रानोपाली चौकी अंतर्गत स्थित निर्मला अस्पताल पर इलाज के दौरान महिला को इंजेक्शन की अधिक डोज देने से मौत का आरोप लगाया गया है। मृतका के बेटे सुनील कौशल, निवासी हलकारा का पुरवा, ने सीएमओ और पुलिस को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि उनकी मां का इलाज साकेतपुरी स्थित निर्मला अस्पताल में चल रहा था और हालत में सुधार भी हो रहा था। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा दिए गए इंजेक्शन के बाद अचानक उनकी नाड़ी गिर गई, जिसके बाद उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में अस्पताल प्रशासन का ओवर डोज स्वीकार करने का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल रहा।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि मृतका की सर्जरी इससे पहले सोना अस्पताल में हुई थी, ऐसे में जांच के दौरान वहां की केस शीट अहम साक्ष्य होगी। उन्होंने बताया कि सोना अस्पताल के चिकित्सक किसी कॉन्फ्रेंस में कोलकाता गए हुए हैं और 21 दिसंबर को लौटने के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि फिलहाल जांच पूरी होने तक दोनों अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं पर रोक लगाई गई है।